बड़ादेव का ध्यान धरे
महुंडी पर्वेन सगाता, गितुर सगा, समा सहज विहार ता। परेड फड़ापेन सुयमोध सिधाना मिकुन मोड़ प्रचंडिड तूर पौरद मांदा। स्कुमता सेरुण झंडज्ञ, दाई हिरवा नोर मेरीन पद्दी कुपार लिंगो। ओ मावीर इमा सल्लेर गागीर नालेज पूर्वा, भुई नोर सुक्ति तांग मेंतो रोम, ओ फदोर शक्ति্য ससूर पेन्टा, मन माई तुन, रक्षा किंट। इन मन सुक्ति सुसूर पेंटा, मन माई तून, रक्षा किंट। इन माइंड इमामा मोट फदोर सुक्ति परोल पान तुन। खैतो शशी ज्योति कलश इमा जायसादि तो नोम, सुमिरिनदि तो नामांकित पूजा तो नोम, एनडोल कम्का नुंका बिदुको अधोदान पीर अदि, वृत्ता तो नोम पुरखा तो नोम। सबरे मंदासी दवासी कोया सयाम, पंडापेंटा। नोट - (देव पूज्य में चढ़े पान प्रसाद एवं नारियल तोड़ना)
(@)
No comments:
Post a Comment