माई सुमरिन मंत्र
केकासिनी सतवाहनी शीतला दन्तेश्वरी। हिमलाजिन महामाई, चित्तौवर बिमलेश्वरी।। महा माया महामाता विमलाई तपेश्वरी। कुशार माई खैरदाई पुंगुर मंगुरी।। कोया मानवलकुन वेहत्ताना बस ता सारी।। इद निक्को बेरा ते अमोत तल्ला कोत्सी जय सेवायतनोम।
1. धूप पारा सियाटोनोम।
2. कुर्कमका सियाटोनोम।
3. कोया पुंगार तरीहातोमानोम।
4. येर सारे कियोटोनोम।
अर्थ:- हे आदि शक्ति जगत जननी तांतीस कोट "छब्बा पूता" को जन्म देने वाली मां कालिकांकाली, क्रांति की देवी रथर जंगो केकासनी माई, सतवाहनी, शीतला दंतेश्वरी, हिंगलाजिन महा माई महा माता चित्तौवर विमलेश्वरी महा माया विल्मई तपेश्वरी कुशार दई पुंगुर मुंगूर बहुत बढ़िया। आदि शक्ति माँ हमारी कोयतुर गाथा जन को सत्य मार्ग पर चलने की शक्ति देना। हम आपको नतमस्तक खरीद जय सेवा देते हैं। वन्दना करते हैं।(@)
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