सर्वोच्च शक्ति शान्ति मंत्र
सुर्वेय सुक्ति सेराल गोरा सुर्वेय सेवा सजोर पेन्ता। सुर्वेय सर्दी कोया पुनेमता सुर्वेय सेवा पारंड गंग रांग।
ओ... मावोर इद सिरडी सिंगार ते गणपति गणाधिपति गणपेनता। सर्रेका मरी सेराल गोरा पन्डरी पुंगार कुशार गणसेविका। इद निक्को बेरा तेत अमोट तल्ला नवे कीसी,
तल्ला कोटसी - जय सेवा कियातोनोम ।
मीवा शीतल तत्वानुंग अमोट मीकून तरिहत्तोनोम, ओऽऽऽमावोर सुर्वेय सुक्ति अमोट मीकून तरिहत्तोनोम, ओऽऽऽमावोर सुर्वेय सुक्ति सल्लेर गांगेर लिंगो सुयमोद बेरची जय सगा पेन पारड सगा गोगो नुंग।
इद निक्को बेरा ते आमेट मीकुन तल्ला कोटसी जय सेवा कोयागोदा नरगोदा मिनगोदा रैयगोदा पेन्चगोदा।। पेन गंगा वेन गंगा हीरो गंगा गुप्तगंगा गोदावरी। येरूं समुन्दरे पद सारू धारा ते हद सिरडी सिंगार संयुगार द्वीपता। परोल येर सारे कियातोनोम ।
अर्थ :- तैतिस कोट मुठवाओं न धरती माँ के तैंतीस मूल तत्वों की जानकारी प्रदान की। उन्हें हम कोयातुर सगाजन गोंगो 'देवता' कहते हैं। सम्पूर्ण कोया बिडार को (गोंड समाज) बारह घटकों में बांटकर तैंतीस मूल तत्वों के प्रतीक गोंगो अर्थात् सगा देवताओं के रूप में मानते हैं। यही सनातन धर्म है। इनकी पूजा आज भी हम समय-समय पर करते हैं।इस प्रकार कोयतुरी की आदिम व्यवस्था दुनिया के मानव सभ्यता में सर्वश्रेष्ठतम व्यवस्था है। जो वैज्ञानिकता पूर्ण है।
तँतिस कोट अर्थात् तैंतीस देव पारा कीसा मूंगा, मोती, नीलम, पन्ना, पुखराज, रेडियम, कैल्शीयम, जस्ता, फॉस्फोरस, गन्धक, हीरा, सोडियम, लोहा, रांगा, एल्युमीनियम, सिलिकान, युरोनियम, लिटेशियम, टीना, मोनिवेडशन, निकिल, ब्रोमीन, तांबा, करब, क्रोमियम, सोना, चाँदी, मैंगनीज, पंच मुठवा, आकाश, सूर्य, पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल शक्ति ही चराचर जगत की सृजन पालन और संहार करने वाले प्रचण्ड आदिम शक्ति है।
ऐसे प्रचण्ड शक्तियों को हम, सत-सत नमन करते हैं। वन्दना करते हैं। बारह सगा, सात गोत्रों के पूज्य बड़ादेव पूज्य पुरखा, पूज्य गुरूओं की वन्दना करते हैं।
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